राय देने में अपने लोगों का कोई जवाब नहीं .........लेकिन कई बार राय देने वाला जब अपनी ही बात पर अमल करता नहीं दिखता तो हँसी छूट जाती है . एक किस्सा कल हुआ . मैं अपने परममित्र मुकेश खोरडिया यानी युवा समाजसेवी मुकेश अग्रवाल के साथ उनके कार्यालय में बैठा था . उनके कुछ और मित्र भी थे . बात चली खानपान व आहार-विहार की तो मुकेश भाई ने एक घंटा तक मुझे लेक्चर दिया कि समोसे मत खाया करो, कचोरी मत खाया करो, चाय कम पिया करो, बीड़ी बिलकुल मत पिया करो इत्यादि .
ऐसा उन्होंने इसलिए कहा कि मैं जब भी जाता हूँ उनके यहाँ तो चाय और समोसे ज़रूर मंगवाता हूँ . मुकेश भाई ने अंकुरित मूंग और चना रोज़ सुबह खाने के कई लाभ बताये और फिर एक टिफिन खोला जिसमे अंकुरित मूंग, चना के अलावा खजूर, अंगूर, पपीता इत्यादि के कई डिब्बे थे . मैंने और सी पी ने खाना शुरू किया लेकिन मुकेश जी ने नहीं खाए . मैंने कहा - खाओ आप भी ? इस बात पर वे ज़ोरों से हँसे और सुरती स्टाइल में बड़ी वाली गाली दे के बोले - आज मैंने समोसे और कचोरी खा लिए ....हा हा हा
| my best friend mukesh khordia with atul tulsyan ji |



